घर का सपना हर परिवार का होता है और प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) छोटे वर्ग के गरीब और बेघर परिवारों के लिए उम्मीद की एक मजबूत किरण मानी जाती है। लेकिन हाल ही में हुई जांच में पता चला कि कई जिलों में अपात्र लोगों के नाम भी लाभुक सूची में शामिल हो गए थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी वजह से सरकार ने अब आवास प्लस ऐप के माध्यम से लगभग एक करोड़ लाभुकों की दोबारा पात्रता जांच करने का फ़ैसला लिया है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता का ध्यान रखा जाएगा और तीन स्तरों पर सत्यापन होगा।
आपको बता दें कि इस आर्टिकल में हम आपको पूरी जानकारी देंगे कि यह नई जांच प्रक्रिया कैसे होगी, किन बिंदुओं पर लाभुकों की जांच होगी और किस तरह यह बदलाव सही लाभुकों तक योजना पहुँचाने में मदद करेगा। इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ें ताकि आपको PM Awas Yojana से जुड़ी हर जरूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाए।
PM Awas Yojana में पात्रता जांच क्यों हो रही है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के विश्लेषण में यह सामने आया कि कई जिलों से भेजी गई लाभुक सूची में अपात्र परिवारों के नाम भी शामिल थे। इन परिवारों ने योजना की पात्रता के मानक पूरे नहीं किए थे। गलत जानकारी देने और सर्वेयरों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी। इसी वजह से विभाग ने सभी जिलों में सूचीबद्ध एक करोड़ चार लाख से अधिक लाभुकों की पुनः जांच का आदेश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि योजना का फ़ायदा सही और पात्र परिवारों तक पहुँचे।
कितने लाभुकों की होगी जांच?
आवास प्लस ऐप में राज्य भर से एक करोड़ चार लाख नब्बे हजार से अधिक परिवारों का नाम भरा गया है। अब इन सभी लाभुकों का सत्यापन किया जाएगा। उदाहरण के लिए, मुजफ्फरपुर जिले में ही चार लाख तैंतालीस हजार से अधिक परिवारों के नाम शामिल थे। अब सभी का स्थल निरीक्षण और दस्तावेज़ सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी भी लाभुक को अनदेखा नहीं किया जाएगा ताकि पात्रता का सही फ़ैसला किया जा सके।
PM Awas Yojana में सत्यापन के 22 बिंदु
यह सत्यापन 22 प्रमुख बिंदुओं पर आधारित होगा। इन बिंदुओं के आधार पर यह तय किया जाएगा कि परिवार योजना के लिए पात्र है या नहीं। इसमें शामिल हैं:
- लाभुक का नाम और पहचान
- PMAY-G आईडी संख्या
- लाभार्थी का पक्का घर है या नहीं
- परिवार की मासिक आमदनी पंद्रह हजार रुपये से अधिक तो नहीं
- परिवार के पास मोटरयुक्त वाहन है या नहीं
- परिवार के पास पांच एकड़ या इससे अधिक जमीन है या नहीं
- किसी सदस्य की सरकारी नौकरी
- आयकर भुगतान करने वाला परिवार
सत्यापन की प्रक्रिया कैसे होगी?
यह सत्यापन तीन स्तरों पर किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गलती न रह जाए।
- पंचायत स्तर: पंचायत रोजगार सेवक और पंचायत सचिव लाभुकों का निरीक्षण और दस्तावेज़ जांच करेंगे।
- प्रखंड स्तर: ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक और लेखापाल जांच को एक स्तर ऊपर लेकर जाएंगे।
- जिला स्तर: डीआरडीए निदेशक और बीडीओ सहित वरिष्ठ अधिकारी अंतिम सत्यापन करेंगे।
लाभुकों के लिए इसका मतलब
इस नई प्रक्रिया का मतलब यह है कि अब योजना का फ़ायदा सिर्फ सही पात्र परिवारों तक पहुंचेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो परिवार पहले सूची में थे लेकिन पात्र नहीं थे, उनके नाम हटा दिए जाएंगे और नई सूची में केवल योग्य लाभुक ही शामिल होंगे। इससे योजना की पारदर्शिता बढ़ेगी और योजना का असर छोटे वर्ग के गरीब परिवारों तक बेहतर तरीके से पहुँचेगा।
PM Awas Yojana के लिए क्या करें?
लाभुकों को सलाह दी जा रही है कि आवास प्लस ऐप पर अपनी जानकारी अपडेट रखें और सभी दस्तावेज़ सही ढंग से लगाएँ। समय पर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करना लाभुकों के लिए फायदेमंद रहेगा।
