आज के समय में शादी जैसे बड़े आयोजन को पूरा करना छोटे वर्ग के परिवारों के लिए आसान नहीं होता। खासकर तब, जब आमदनी कम हो और जिम्मेदारियां ज्यादा हों। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2026 उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत सरकार बेटियों की शादी को सम्मानजनक और सरल बनाने के लिए सीधे ₹1,00,000 की मदद दे रही है।

इस आर्टिकल में आपको बता दें कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना क्या है, इसमें कौन लोग आवेदन कर सकते हैं, कितनी राशि मिलती है और इसके क्या-क्या फ़ायदे हैं। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना से जुड़ सकता है, तो यह लेख आपके लिए काफी काम का साबित हो सकता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो यह लेख आपको अधूरी जानकारी नहीं देगा। यहां आपको योजना से जुड़ी हर जरूरी बात सरल और साफ भाषा में मिलेगी, ताकि आप बिना किसी परेशानी का सामना किए सही फ़ैसला ले सकें। इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ें।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2026 क्या है?

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार ने उन परिवारों के लिए की थी, जो बेटी की शादी का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2025 में इस योजना की राशि बढ़ाकर ₹1,00,000 प्रति जोड़ा कर दी। इसका मकसद यह है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी बेटी की शादी न रुके।

इस योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहां एक साथ कई जोड़ों की शादी करवाई जाती है। इससे फिजूलखर्ची पर बचत होती है और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।

योजना में मिलने वाली राशि और सुविधाएं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के अंतर्गत कुल ₹1,00,000 का प्रावधान है।

  • ₹60,000 सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं
  • ₹25,000 की चीज़ें जैसे कपड़े, बर्तन और जरूरी घरेलू सामान दिए जाते हैं
  • ₹15,000 विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं

इस तरह शादी से जुड़ी अधिकतर जरूरतें एक ही जगह पूरी हो जाती हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की पात्रता

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए कुछ नियम तय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का रहने वाला होना चाहिए
  • परिवार की वार्षिक आमदनी ₹3,00,000 से कम हो
  • दुल्हन की उम्र कम से कम 18 साल और दूल्हे की उम्र 21 साल हो
  • विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं का पुनर्विवाह भी शामिल है
  • सामूहिक विवाह में कम से कम 10 जोड़ों का होना जरूरी है

जरूरी दस्तावेज़ कौन-कौन से लगते हैं?

आवेदन करते समय कुछ जरूरी कागजात लगाना होते हैं:

  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • दुल्हन का बैंक खाता विवरण
  • वर-वधू की पासपोर्ट साइज फोटो
  • पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर कार्ड
  • उम्र का प्रमाण पत्र

सभी दस्तावेज़ सही होने पर आवेदन प्रक्रिया आसान हो जाती है।

योजना के ताज़ा अपडेट (2025-26)

अब यह पूरी तरह साफ है कि राशि ₹1,00,000 ही दी जा रही है। 2025 में गोरखपुर समेत कई जिलों में बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां हजारों जोड़ों ने एक साथ विवाह किया। ये कार्यक्रम पूरे साल अलग-अलग जिलों में होते रहेंगे।

क्यों खास है यह योजना?

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सिर्फ पैसे की मदद नहीं करती, बल्कि समाज में फैली कुप्रथाओं जैसे दहेज और दिखावे को कम करने में भी मददगार है। यह योजना बेटियों को सम्मान देती है और परिवारों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है।

अगर आप इस योजना का फ़ायदा लेना चाहते हैं, तो समय रहते आवेदन जरूर करें और सरकार की इस कमाल की पहल का हिस्सा बनें।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु लिखा गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी जरूर पढ़ें।