शादी हर इंसान के जीवन का एक खास पल होता है, लेकिन कई बार शारीरिक परेशानी और आर्थिक तंगी के कारण यह सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे में बिहार सरकार की मुख्यमंत्री दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है, जो अपने जीवन की नई शुरुआत करना चाहते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के तहत योग्य दिव्यांग महिला और पुरुषों को शादी के लिए ₹1 लाख की मदद दी जाती है, ताकि वे सम्मान के साथ अपना घर बसा सकें।
इस आर्टिकल में आपको बिहार दिव्यांग विवाह योजना 2025 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी। पात्रता से लेकर आवेदन प्रक्रिया, जरूरी कागजात, भुगतान का तरीका और कुछ बेहद जरूरी अपडेट—सब कुछ एक ही जगह पर, आसान और सीधी भाषा में बताया गया है। इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ें।
आपको बता दें कि इस लेख में दी गई जानकारी पूरी तरह भरोसेमंद है। अगर आप या आपके परिवार में कोई इस योजना का फ़ायदा लेना चाहता है, तो यहां आपको किसी और जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह आर्टिकल खास तौर पर आपकी हर उलझन को दूर करने के लिए लिखा गया है।
बिहार दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना 2025 क्या है?
यह योजना बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई है। इसका मकसद दिव्यांग लोगों को शादी के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत योग्य लाभार्थियों को शादी के समय ₹1 लाख की राशि दी जाती है, जिससे वे अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत बिना किसी परेशानी के कर सकें।
योजना के बड़े फ़ायदे
- दिव्यांग विवाह योजना के तहत ₹1 लाख का अनुदान मिलता है।
- अगर पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो दोनों को अलग-अलग यह राशि दी जाती है।
- यदि दंपति में से केवल एक दिव्यांग है, तो उसी को योजना का फ़ायदा मिलेगा।
- अंतरजातीय विवाह करने पर दिव्यांग विवाह योजना के साथ-साथ अंतरजातीय विवाह योजना का भी लाभ मिल सकता है।
- कुछ मामलों में तीन अलग-अलग अनुदान इकाइयों का भी लाभ दिया जाता है, जिससे कुल राशि काफी हो सकती है।
जरूरी पात्रता शर्तें
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- दूल्हा या दुल्हन में से कम से कम एक व्यक्ति दिव्यांग होना जरूरी है।
- दिव्यांगता का प्रतिशत कम से कम 40% या उससे अधिक होना चाहिए, यह एक बेहद जरूरी शर्त है।
- शादी के समय दुल्हन की उम्र 18 साल और दूल्हे की उम्र 21 साल होनी चाहिए।
- आवेदक छोटे वर्ग से होना चाहिए।
- विवाह दहेज मुक्त होना चाहिए और इसके लिए शपथ-पत्र देना जरूरी होता है।
आवेदन की समय सीमा और भुगतान तरीका
शादी के 2 साल के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। तय समय के बाद आवेदन करने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
भुगतान के तरीके की बात करें तो आमतौर पर यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। कई मामलों में सरकार इस रकम को कुछ समय के लॉक-इन के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में भी रख सकती है, ताकि पैसे का सही इस्तेमाल हो सके।
जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट
- दूल्हा और दुल्हन का आधार कार्ड
- जॉइंट फोटो
- पहचान पत्र
- उम्र प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- आमदनी प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी
- अगर हो तो जाति प्रमाण पत्र
आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय या सहायक निदेशक कार्यालय जाना होगा। वहां से आवेदन फॉर्म लेकर उसमें मांगी गई जानकारी भरे, जरूरी कागजात लगाएं और फॉर्म जमा कर दें। जांच पूरी होने के बाद, पात्र पाए जाने पर राशि प्रोवाइड कर दी जाती है।
अधिक और सही जानकारी के लिए आप समाज कल्याण विभाग, बिहार की योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपडेट जरूर चेक करें। यह योजना सच में कई लोगों के लिए कमाल का मौका है, जो शादी को लेकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु लिखा गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी जरूर पढ़ें।
