आज के समय में पढ़ाई के साथ आने वाली परेशानियों का सामना करना हर परिवार के लिए आसान नहीं होता, खासकर छोटे वर्ग के बच्चों के लिए। ऐसे में अगर सरकार की तरफ से पढ़ाई में आगे रहने वाले छात्रों को सीधी मदद मिले, तो यह किसी बड़े सहारे से कम नहीं होता। हरियाणा सरकार ने इसी सोच के साथ राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। इस आर्टिकल में आपको इस योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आसान और बोलचाल की भाषा में मिलेगी, ताकि आप बिना किसी उलझन के सब कुछ समझ सकें।
आपको बता दें कि अगर आप या आपके घर का कोई बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ता है और पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद जरूरी है। यहां आपको पात्रता, मिलने वाली राशि, जरूरी कागज़ात और आवेदन की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह पर मिलने वाली है, इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ें।
हरियाणा राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना क्या है?
राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही एक खास पहल है। इस योजना का मकसद ऐसे मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने पिछली कक्षा में पहला स्थान और प्रथम श्रेणी हासिल की हो। योजना के तहत छठी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले छात्रों को हर साल छात्रवृत्ति की राशि दी जाती है।
इस योजना से उन छात्रों को काफी फ़ायदा मिलता है जो पढ़ाई में अच्छे हैं लेकिन आर्थिक हालात के कारण आगे बढ़ने में दिक्कत महसूस करते हैं। योजना के जरिए स्कूल स्तर पर ही छात्रों का चयन किया जाता है, जिससे प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है।
किन छात्रों को मिलेगा योजना का फ़ायदा?
इस योजना का फ़ायदा लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि:
- छात्र का हरियाणा के किसी सरकारी स्कूल में पढ़ना जरूरी है
- कक्षा छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्र ही पात्र होते हैं
- पिछली कक्षा में पहला स्थान हासिल किया होना चाहिए
- इसके साथ ही प्रथम श्रेणी में पास होना भी जरूरी है
हर स्कूल से लड़कों की कैटेगरी में एक छात्र और लड़कियों की कैटेगरी में एक छात्रा को चुना जाता है।
कितनी राशि दी जाती है छात्रवृत्ति के रूप में?
कक्षा के हिसाब से छात्रवृत्ति की रकम तय की गई है:
- कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले छात्रों को हर साल 750 रुपए
- कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों को हर साल 1000 रुपए
यह रकम भले ही बहुत बड़ी न लगे, लेकिन पढ़ाई से जुड़ी छोटी-छोटी चीज़ों में यह काफी काम आती है।
योजना के लिए जरूरी कागज़ात
अगर छात्र इस योजना के लिए चुना जाता है, तो उसके पास ये कागज़ात होना जरूरी है:
- आधार कार्ड
- स्कूल पहचान पत्र
- पिछली कक्षा की मार्कशीट (पहला स्थान और प्रथम श्रेणी साबित करने के लिए)
- बोनाफाइड सर्टिफिकेट
- बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
- जरूरत पड़ने पर स्कूल द्वारा मांगे गए अन्य कागज़ात
आवेदन की प्रक्रिया कैसे होती है?
आपको बता दें कि इस योजना के लिए अलग से कहीं जाकर फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती। पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन और स्कूल के जरिए पूरी की जाती है।
- छात्रों का चयन उनके परीक्षा परिणाम के आधार पर किया जाता है
- स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार पहले स्थान पर आने वाले छात्रों की लिस्ट तैयार होती है
- स्कूल प्रशासन पात्रता की जांच करता है
- चुने गए छात्रों की जानकारी शिक्षा विभाग को भेजी जाती है
- इसके बाद छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेज दी जाती है
अगर आपको लगता है कि आप इस योजना के लिए योग्य हैं, तो अपने स्कूल प्रशासन से जरूर संपर्क करें।
क्यों है यह योजना जरूरी?
यह योजना पढ़ाई में मेहनत करने वाले छात्रों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इससे न सिर्फ बच्चों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि माता-पिता को भी थोड़ी आर्थिक मदद मिलती है। रोजमर्रा की ज़िंदगी में पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में यह योजना अहम भूमिका निभाती है।
अगर आप हरियाणा में रहते हैं और सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले मेधावी छात्र हैं, तो राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना 2026 आपके लिए एक अच्छा मौका साबित हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु लिखा गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी जरूर पढ़ें।
