उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उन लोगों के लिए एक बहुत जरूरी और काम की योजना शुरू की है, जिन्हें खेती करते समय परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस योजना का नाम **तीलू रौतेली पेंशन योजना ** है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य खेती के काम के दौरान घायल हुआ है और उसे आंशिक विकलांगता हो गई है, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद जरूरी है। यहां हम आपको इस योजना से जुड़ी हर जानकारी आसान और सीधी भाषा में बताने वाले हैं।
आपको बता दें कि इस लेख में आपको योजना का पूरा ओवरव्यू मिलेगा। पात्रता क्या है, कौन लोग इसका फ़ायदा ले सकते हैं, कितनी पेंशन दी जाती है, कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं और आवेदन कैसे करना है—यह सब कुछ यहीं समझाया गया है। इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें, ताकि आपको कहीं और भटकने की जरूरत न पड़े।
उत्तराखंड तीलू रौतेली पेंशन योजना क्या है?
तीलू रौतेली पेंशन योजना उत्तराखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना की शुरुआत उन महिला और पुरुष लोगों के लिए की गई है, जो खेती के काम में लगे रहते हैं और इसी दौरान घायल होकर 20% से 40% तक आंशिक विकलांगता का सामना कर चुके हैं।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने 1200 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की ज़िंदगी में आर्थिक मदद मिल सके।
इस पेंशन योजना के मुख्य फ़ायदे
- हर महीने 1200 रुपये की पेंशन
- महिला और पुरुष दोनों को बराबर फ़ायदा
- खेती के दौरान घायल हुए लोगों को सहारा
- आमदनी की कोई सीमा तय नहीं
- छोटे वर्ग के लोगों के लिए काफी मददगार
योजना की पात्रता क्या है?
अगर आप इस योजना का फ़ायदा लेना चाहते हैं, तो नीचे दी गई शर्तों को पूरा करना जरूरी है:
- आवेदक उत्तराखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए
- उम्र कम से कम 18 साल और अधिकतम 60 साल होनी चाहिए
- आवेदक खेती के काम से जुड़ा हुआ हो
- खेती करते समय चोट लगने से 20% से 40% तक विकलांगता हुई हो
- आवेदक ग्रामीण क्षेत्र से होना चाहिए जब लाभार्थी की उम्र 60 साल पूरी हो जाती है और वह वृद्धावस्था पेंशन के योग्य हो जाता है, तो तीलू रौतेली पेंशन योजना का फ़ायदा बंद कर दिया जाता है और वृद्धावस्था पेंशन शुरू हो जाती है।
जरूरी दस्तावेजों की सूची
आवेदन करते समय आपके पास नीचे दिए गए दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड की फोटो कॉपी
- बीमारी अधिकारी द्वारा जारी 20% से 40% विकलांगता प्रमाण पत्र
- परिवार रजिस्टर की कॉपी
- ग्राम पंचायत की खुली बैठक में चयन प्रस्ताव की कॉपी
- बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- कृषि अधिकारी द्वारा जारी चोट प्रमाण पत्र
तीलू रौतेली पेंशन योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना में आवेदन करना काफी आसान रखा गया है। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं
- “नया ऑनलाइन आवेदन करें” ऑप्शन पर क्लिक करें
- योजना सूची में से “तीलू रौतेली पेंशन योजना” चुनें
- व्यक्तिगत जानकारी, पता और बैंक खाता जानकारी सही-सही भरे
- सारी जानकारी जांचने के बाद घोषणा बॉक्स पर टिक करें
- कैप्चा कोड भरें और फॉर्म सबमिट कर दें
- जरूरी दस्तावेज लगाकर आवेदन पूरा करें
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- अपने ज़िले के समाज कल्याण कार्यालय में जाएं
- या फिर नजदीकी CSC सेंटर पर संपर्क करें
- वहां से आवेदन फॉर्म लेकर सही जानकारी भरे
- जरूरी दस्तावेज लगाकर फॉर्म जमा करें
इसके बाद आपके आवेदन की जांच की जाएगी। अगर सारी जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका फॉर्म स्वीकार कर लिया जाएगा और आपको योजना का फ़ायदा मिलना शुरू हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: तीलू रौतेली पेंशन योजना में कितनी पेंशन मिलती है?
उत्तर: इस योजना के तहत 1200 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाती है।
प्रश्न: यह योजना किसे मिल सकती है?
उत्तर: खेती करते समय 20% से 40% तक आंशिक विकलांगता का सामना करने वाले महिला और पुरुष लोग इस योजना के पात्र हैं।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे दूसरों के साथ जरूर शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस जरूरी योजना का फ़ायदा उठा सकें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु लिखा गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी जरूर पढ़ें।
