आज भी हमारे समाज में ऐसी कई महिलाएं हैं जो पति के निधन के बाद आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं। खासतौर पर छोटे वर्ग से आने वाली विधवा महिलाओं के लिए रोजमर्रा की ज़िंदगी आसान नहीं होती। ऐसे में सरकार की पेंशन योजनाएं उनके लिए बड़ा सहारा बनती हैं।

इसी सोच के साथ महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना शुरू की है। इस आर्टिकल में आपको इस योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी, जैसे पात्रता, मिलने वाला फ़ायदा, जरूरी कागज़ात और आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

दूसरे शब्दों में कहें तो अगर आप या आपके परिवार की कोई महिला इस योजना के दायरे में आती है, तो यह लेख आपके लिए बेहद काम का साबित हो सकता है। आपको बता दें कि यहां दी गई जानकारी आसान भाषा में है, ताकि किसी भी तरह की उलझन न रहे। इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना क्या है?

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल है। महाराष्ट्र में यह योजना संजय गांधी निराधर अनुदान योजना से जुड़ी हुई है। इसके तहत 40 वर्ष से 79 वर्ष की उम्र की विधवा महिलाओं को हर महीने पेंशन दी जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना में कुल 1500 रुपये प्रति माह की पेंशन मिलती है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 300 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1200 रुपये शामिल हैं। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे आर्थिक हालात थोड़े बेहतर हो सकें।

योजना के मुख्य फ़ायदे

इस पेंशन योजना का मकसद विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके कुछ खास फ़ायदे इस प्रकार हैं:

  • हर महीने तय पेंशन से आमदनी का एक स्थिर सहारा
  • रोजमर्रा की ज़िंदगी की जरूरी चीज़ों को पूरा करने में मदद
  • किसी पर निर्भर रहने की मजबूरी कम होती है
  • सम्मान के साथ जीवन जीने का मौका मिलता है इस योजना से लाखों महिलाएं पहले ही जुड़ चुकी हैं।

पात्रता क्या होनी चाहिए?

यदि आप इस योजना का फ़ायदा लेना चाहती हैं, तो नीचे दी गई शर्तों को पूरा करना जरूरी है:

  • आवेदक महिला महाराष्ट्र राज्य की रहने वाली हो
  • महिला विधवा होनी चाहिए
  • उम्र 40 वर्ष से 79 वर्ष के बीच हो
  • परिवार गरीबी रेखा से नीचे आता हो
  • किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ न ले रही हो

अगर ये सभी बातें आप पर लागू होती हैं, तो आप इस योजना के लिए योग्य मानी जाएंगी।

जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से लगेंगे?

आवेदन करते समय कुछ कागज़ात लगाना जरूरी होता है, ताकि आपकी जानकारी की सही जांच हो सके:

  • पहचान पत्र जैसे वोटर कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र
  • उम्र साबित करने का प्रमाण
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बीपीएल कार्ड या उससे जुड़ा कोई कागज़
  • बैंक पासबुक की फोटो कॉपी सभी कागज़ साफ और सही होने चाहिए, वरना आवेदन में देरी हो सकती है।

आवेदन कैसे करें? (ऑफलाइन प्रक्रिया)

आपको बता दें कि इस योजना के लिए आवेदन केवल ऑफलाइन माध्यम से किया जाता है। प्रक्रिया कुछ इस तरह है:

  • सबसे पहले अपने जिले के कलेक्टर कार्यालय या तहसीलदार कार्यालय जाएं
  • वहां से योजना का आवेदन फॉर्म लें
  • फॉर्म को ध्यान से भरें और फोटो लगाना न भूलें
  • सभी जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ जोड़ें
  • भरा हुआ फॉर्म संबंधित अधिकारी के पास जमा कर दें

इसके बाद आपके आवेदन की जांच होगी। अगर सब कुछ सही पाया गया, तो आपका नाम योजना में शामिल कर लिया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना किसके लिए है?
यह योजना 40 से 79 साल की उन विधवा महिलाओं के लिए है जो गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों से हैं।

इस योजना में कितनी पेंशन मिलती है?
इस योजना के तहत कुल 1500 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाती है।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु लिखा गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी जरूर पढ़ें।