आज के समय में हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी पढ़े-लिखे, आगे बढ़े और अपने पैरों पर खड़ी हो। लेकिन कई बार आर्थिक परेशानी का सामना करने के कारण बेटियों की पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी सोच को बदलने और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए राजस्थान सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इस लेख में आपको इस योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलने वाली है, जैसे पात्रता, मिलने वाली राशि, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया।

आपको बता दें कि यह आर्टिकल खास तौर पर इस तरह से तैयार किया गया है ताकि आपको अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत न पड़े। यहां आपको लाडो प्रोत्साहन योजना से जुड़ी पूरी और सीधी जानकारी मिलेगी। अगर आपके घर में बेटी का जन्म हुआ है या होने वाला है, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें, क्योंकि यह योजना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

लाडो प्रोत्साहन योजना क्या है?

लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार के महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा चलाई जा रही एक खास योजना है। इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी ग्रेजुएशन पूरी होने तक कुल 7 किस्तों में 1,50,000 रुपए दिए जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना का मकसद बालिकाओं के जन्म को लेकर अच्छा माहौल बनाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और बीमारी व देखभाल में होने वाले भेदभाव को खत्म करना है।

इस योजना से न सिर्फ बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिशु मृत्यु दर में भी काफी कमी देखने को मिलेगी। आमतौर पर देखा गया है कि जब माता-पिता को आर्थिक मदद मिलती है, तो वे अपनी बेटियों को स्कूल और कॉलेज तक पढ़ाने के लिए ज्यादा प्रेरित होते हैं।

लाडो प्रोत्साहन योजना की पात्रता

इस योजना का फ़ायदा लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। नीचे दी गई जानकारी से आप आसानी से समझ सकते हैं कि आप इसके लिए योग्य हैं या नहीं।

  • इस योजना का लाभ केवल महिला आवेदकों को मिलेगा
  • आवेदक राजस्थान की स्थायी निवासी होनी चाहिए
  • बालिका का जन्म सरकारी या जननी सुरक्षा योजना से जुड़े अधिकृत निजी संस्थान में हुआ हो
  • दूसरी किस्त के लिए बच्ची का टीकाकरण पूरा होना चाहिए
  • आगे की किस्तों के लिए मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान में एडमिशन जरूरी है
  • आखिरी किस्त के लिए बेटी का ग्रेजुएशन पूरा होना चाहिए और उम्र 21 साल होनी चाहिए

लाडो प्रोत्साहन योजना में मिलने वाली राशि

इस योजना के तहत कुल राशि 7 अलग-अलग किस्तों में दी जाती है। शुरुआत में एक प्रतिबद्धता पत्र भी जारी किया जाता है। पूरी रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए खाते में आती है।

  • पहली किस्त: जन्म के समय 2,500 रुपए
  • दूसरी किस्त: 1 साल पूरा होने और टीकाकरण के बाद 2,500 रुपए
  • तीसरी किस्त: कक्षा 1 में एडमिशन पर 4,000 रुपए
  • चौथी किस्त: कक्षा 6 में एडमिशन पर 5,000 रुपए
  • पांचवी किस्त: कक्षा 10 में एडमिशन पर 11,000 रुपए
  • छठी किस्त: कक्षा 12 में एडमिशन पर 25,000 रुपए
  • सातवीं किस्त: ग्रेजुएशन पूरा होने और 21 साल की उम्र पर 70,000 रुपए

जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से हैं?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी कागजात लगाना होता है। इनके बिना आवेदन पूरा नहीं माना जाएगा।

  • राजस्थान का स्थायी निवास प्रमाण
  • विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • माता-पिता या अभिभावक की बैंक पासबुक की कॉपी
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
  • संस्थागत प्रसव का प्रमाण
  • आयु प्रमाण पत्र
  • जन्म के समय जारी की गई पीसीटीएस आईडी

आवेदन की प्रक्रिया कैसे होती है?

इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन और ऑटोमैटिक रखी गई है। पहली किस्त के लिए प्रसव से जुड़ा डाटा पीसीटीएस पोर्टल पर भरा जाता है। इसके बाद टीकाकरण और पढ़ाई से जुड़ी जानकारी के आधार पर अगली किस्तें अपने आप ट्रैक होती रहती हैं। माता-पिता को बार-बार आवेदन करने की जरूरत नहीं होती।

कुल मिलाकर, लाडो प्रोत्साहन योजना बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक कमाल का कदम है। अगर आप इस योजना के पात्र हैं, तो इसका पूरा फ़ायदा जरूर उठाएं और अपनी बेटी के सपनों को उड़ान दें।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी हेतु लिखा गया है। किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी जरूर पढ़ें।