उत्तराखंड सरकार लगातार बच्चों और महिलाओं के बेहतर भविष्य के लिए नए-नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मकसद छोटे बच्चों को पौष्टिक पोषण देना है ताकि उनकी सेहत मजबूत बन सके। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के तहत 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों को खास तरह का दूध दिया जाता है, जो विटामिन ए और डी से भरपूर होता है।
इस आर्टिकल में आपको मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलने वाली है। यहां आपको योजना का उद्देश्य, पात्रता, जरूरी कागजात और लाभ से जुड़ी पूरी बात सीधा और आसान शब्दों में समझाई जाएगी। इसलिए अगर आपके घर या आसपास आंगनबाड़ी जाने वाले बच्चे हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना क्या है?
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना उत्तराखंड सरकार की एक खास योजना है, जिसे साल 2025 में और बेहतर रूप में लागू किया गया है। इस योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चों को सप्ताह में चार दिन फोर्टीफाइड और फ्लेवर्ड दूध दिया जाता है। यह दूध विटामिन ए और डी से युक्त होता है, जो बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की परेशानी का सामना करने की स्थिति को कम करना और उनकी इम्युनिटी को मजबूत बनाना है। यह दूध आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रोवाइड किया जाता है, जिससे बच्चों को रोजमर्रा की ज़िंदगी में जरूरी पोषण मिल सके।
योजना का उद्देश्य क्या है?
आपको बता दें कि इस योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य बच्चों के स्वास्थ्य में अच्छा सुधार लाना है। सरकार चाहती है कि छोटे वर्ग के परिवारों के बच्चे भी स्वस्थ रहें और उनका शारीरिक विकास सही तरीके से हो। सही पोषण मिलने से बच्चों में बीमारी का खतरा भी कम होता है और वे पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
किन बच्चों को मिलेगा योजना का फ़ायदा?
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का फ़ायदा उन्हीं बच्चों को दिया जाता है जो आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत हैं। इसके अलावा कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं, जिनका पूरा होना जरूरी है।
- बच्चे का उत्तराखंड राज्य का निवासी होना जरूरी है
- बच्चे की उम्र 3 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- बच्चा किसी मान्यता प्राप्त आंगनबाड़ी केंद्र में नाम लिखा हुआ होना चाहिए
जरूरी कागजात कौन-कौन से हैं?
हालांकि इस योजना के लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता, फिर भी आंगनबाड़ी केंद्र पर कुछ कागजात मांगे जा सकते हैं। आमतौर पर नीचे दिए गए कागजात की जरूरत पड़ती है:
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मांगे तो अन्य जरूरी कागजात
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना में आवेदन कैसे होता है?
इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया काफी आसान रखी गई है। इसके लिए किसी भी माता-पिता को अलग से फॉर्म भरने या कहीं जाने की जरूरत नहीं है।
- जो बच्चे पहले से आंगनबाड़ी केंद्र जाते हैं
- और वहां उनका नाम लिखा हुआ है
- उन्हें सीधे आंगनबाड़ी केंद्र में ही दूध का फ़ायदा दिया जाता है
यानी माता-पिता को न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन कहीं आवेदन लगाना होता है। यह योजना अपने आप लागू होती है।
योजना से बच्चों को क्या-क्या फ़ायदे मिलते हैं?
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना बच्चों के लिए कई तरह से फायदेमंद है। यह योजना बच्चों की सेहत सुधारने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी मजबूत बनाती है।
- बच्चों को पोषण से भरपूर दूध मिलता है
- विटामिन ए और डी की कमी दूर होती है
- बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है
- शारीरिक विकास बेहतर होता है
कुछ जरूरी सवाल-जवाब
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना क्या है?
इस योजना के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को सप्ताह में चार दिन फोर्टीफाइड और फ्लेवर्ड दूध दिया जाता है।
इस योजना का फ़ायदा कहां मिलता है?
इस योजना का फ़ायदा आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को वहीं पर मिलता है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक कमाल का प्रयास है। अगर आपके आसपास कोई बच्चा आंगनबाड़ी जाता है, तो यह योजना उसके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
