बेटियों का भविष्य सुरक्षित करना हर माता–पिता की पहली ज़िम्मेदारी होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज भी सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) उन चुनिंदा सरकारी योजनाओं में से एक है, जो न सिर्फ अच्छा रिटर्न प्रोवाइड करती है, बल्कि बेटी की पढ़ाई और शादी के बड़े खर्च को आसानी से संभालने में मदद करती है। इस आर्टिकल में हम आपको इस स्कीम से जुड़ी हर जानकारी आसान भाषा में देंगे—जैसे ब्याज दर, जमा करने के नियम, मैच्योरिटी का पूरा सिस्टम और कितना पैसा आपकी बेटी को मिल सकता है।

आपको बता दें कि यह लेख खास तौर पर आपके लिए इसलिए तैयार किया गया है, ताकि आप बिना किसी परेशानी का सामना किए एक ही जगह पर SSY से जुड़ी सारी जानकारी पढ़ सकें। इस स्कीम में क्या-क्या फ़ायदे मिलते हैं, कैसे पैसा जमा करना है और कैसे यह योजना आपकी बेटी का भविष्य बदल सकती है—इन सब बातों को हम यहां विस्तार से समझाएंगे। इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ें, ताकि कोई भी ज़रूरी जानकारी छूट न जाए।

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है और क्यों है इतनी लोकप्रिय?

सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों की लंबी समय की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। यह ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हिस्सा है और छोटे वर्ग के परिवारों में यह स्कीम सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। यह स्कीम कम जोखिम के साथ गारंटीड रिटर्न देती है, जो इसे एक भरोसेमंद निवेश बनाती है।

सरकार ने अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही के लिए इसकी ब्याज दर 8.2% तय की है, जो पोस्ट ऑफिस की स्कीमों में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वालों में से एक है। यही ब्याज दर वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में भी मिलती है, इसलिए निवेशकों की नज़र हमेशा इस स्कीम पर रहती है।

कितने लोग इस स्कीम से जुड़े हैं?

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, देशभर में 4 करोड़ से ज्यादा SSY खाते भरे जा चुके हैं। इसमें अब तक 3.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हो चुके हैं। इतने बड़े आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि माता-पिता अपनी बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए SSY पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।

कैसे खुलता है सुकन्या समृद्धि अकाउंट?

  • बच्ची की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए।
  • अकाउंट माता-पिता या अभिभावक खुलवाते हैं।
  • एक बेटी के नाम पर एक ही अकाउंट खुल सकता है।
  • परिवार में दो बेटियों तक अकाउंट खुलवाने की अनुमति है।

कितनी रकम जमा कर सकते हैं?

  • कम से कम 250 रुपये सालाना जमा करने होते हैं।
  • अधिकतम 1.50 लाख रुपये हर साल जमा किए जा सकते हैं।
  • जमा करने का समय 15 साल का होता है, लेकिन अकाउंट 21 साल में मैच्योर होता है।
  • आखिरी 6 साल तक पैसा जमा करने की जरूरत नहीं होती, फिर भी ब्याज मिलता रहता है।

टैक्स लाभ भी मिलता है

अच्छी बात यह है कि SSY में मिलने वाला ब्याज पूरा टैक्स-फ्री होता है। इसके अलावा पुरानी टैक्स व्यवस्था में आप 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की टैक्स बचत का फ़ायदा ले सकते हैं। इससे आपकी आमदनी पर अच्छा असर पड़ता है क्योंकि यह योजना आर्थिक रूप से आपकी जेब को हल्का नहीं होने देती।

मैच्योरिटी पर बेटी को मिलेगा कितना पैसा?

अब बात करते हैं सबसे जरूरी जानकारी की—21 साल बाद आपको कितना पैसा मिलेगा?

अगर कोई अभिभावक बेटी के जन्म से ही हर साल 1.50 लाख रुपये जमा करता है, तो 15 साल में कुल जमा राशि 22.50 लाख रुपये बनती है। मौजूदा 8.2% ब्याज दर के अनुसार इस रकम पर करीब 49.32 लाख रुपये का ब्याज जुड़ता है।

यानी आपकी बेटी को मैच्योरिटी पर लगभग ₹71,82,119 रुपये मिलेंगे!

यह रकम उसके उच्च पढ़ाई से लेकर शादी तक के बड़े खर्च को आसानी से संभाल सकती है।

क्यों SSY है सबसे अच्छा ऑप्शन?

  • हाई क्वालिटी सुरक्षा
  • गारंटीड रिटर्न
  • टैक्स बचत
  • कम जोखिम
  • लंबी समय में बड़ा कॉर्पस

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SSY छोटे वर्ग के परिवारों के लिए एक कमाल का निवेश है, जिसमें जोखिम कम और फ़ायदा ज्यादा है।

अगर आप भी अपनी बेटी को एक सुरक्षित और मजबूत भविष्य देना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए बढ़िया ऑप्शन साबित हो सकती है। इसे जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना ज्यादा पैसा आपकी बेटी के लिए तैयार होगा।

तो देर किस बात की? सुकन्या समृद्धि योजना से बेटी का कल आज ही सुरक्षित करें!